Hijab News-कर्नाटक हाईकोर्ट में हिजाब मामले कि सुनवाई कल तक के लिए टाल दि गइ है। Today 17Feb

Hijab News-कर्नाटक हाईकोर्ट में हिजाब मामले कि सुनवाई कल तक के लिए टाल दि गइ है।

कर्नाटक हाईकोर्ट में राज्य के शिक्षा संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली Petitions (याचिकाओं) पर hearing (सुनवाई) हुई। आपको बताते चले कि मुख्य न्यायाधीश(chief Judge)  रितुराज अवस्थी जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित और जस्टिस खाजी की 3 जजों की बेंच मामले पर सुनवाई कर रही है।

Hijab News:-कर्नाटक के हाईकोर्ट में राज्य के शिक्षा संस्थानों में हिजाब पर लगे रोक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई। वकील विनोद कुलकर्णी ने हिजाब विवाद पर हाईकोर्ट में दलीलें पेश की। उन्होंने कहा कि, हिजाब विवाद मुस्लिम लड़कियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। संविधान के अनुसार स्वास्थ्य की रक्षा करना राज्य का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, कम से कम शुक्रवार(Friday) को मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनने की अनुमति देने के लिए अंतरिम राहत दें। हालांकि, हाईकोर्ट ने हिजाब विवाद पर सुनवाई कल तक के लिए टाल दी है।

Hijab News :- इससे पहले बुधवार को कर्नाटक हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलीलें रखी। बुधवार को वकील ने कहा कि भारत में पगड़ी, चूड़ी, बिंदी और क्रास समेत तरह-तरह के धार्मिक चिह्न को पहना जाता है, तो फिर सरकार ने सिर्फ हिजाब पहनने पर ही रोक क्यों लगाई और उसके साथ शत्रुतापूर्ण भेदभाव कर रही है। याचिकाकर्ता छात्राओं के वकील रवि वर्मा कुमार ने कहा कि इंटर कालेजों (Pre-University College) में Uniform निर्धारित करना अवैध है।

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बुधवार को कर्नाटक हाईकोर्ट में क्या हुआ ? Hijab News

दरअसल, चीफ जस्टिस रितुराज अवस्थी, जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित और जस्टिस जेएम खाजी की 3 जजों की बेंच राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर लगे रोक को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। सोमवार से हिजाब विवाद पर लगातार सुनवाई हो रही है। बुधवार को भी हाईकोर्ट में हिजाब विवाद पर दोपहर 2:30 बजे सुनवाई शुरु हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता(petitioner) के वकील ने कई दलीलें रखी। वकील रवि वर्मा कुमार ने कहा कि इंटर कालेजों Pre-University College) में Uniform निर्धारित करना अवैध है। उन्होंने कहा कि विधायक की अध्यक्षता वाली कालेज विकास समिति (college development committee) को इस मामले पर फैसला करने का अधिकार नहीं है।

कुछ और मुद्दा भी उठे है

मुद्दा:–  पगड़ी, चूड़ी, बिंदी, क्रास

Hijab News:- चीफ जस्टिस रितु राज अवस्थी, जस्टिस कृष्ण एस. दीक्षित और जस्टिस जेएम खाजी की पीठ के सामने वकील रवि वर्मा कुमार ने कहा देश में झुमका, क्रास, हिजाब, बुर्का, चूडि़यां और पगड़ी पहनी जाती है। महिलाएं ललाट पर बिंदी भी लगाती हैं। परंतु, सरकार ने इनमें से सिर्फ हिजाब को ही चुना और उस पर पाबंदी लगाई। ऐसा भेदभाव क्यों? क्या चूड़ी धार्मिक प्रतीक नहीं? उन्होंने कहा कि समाज में विविधता को पहचानने और उन्हें प्रतिबिंबित करने के लिए कक्षाएं एक जगह होनी चाहिए।

हिजाब विवाद पर वकील ने क्या दलीलें रखे

इससे पहले मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलीलें दी थी। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि, हिजाब धार्मिक कट्टरता नहीं, बल्कि आस्था और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। इस दौरान उन्होंने विदेशी अदालतों के फैसलों का भी उल्लेख किया था। वहीं, सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कामत ने अदालत को आगाह कराया था कि एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि हिजाब पहनना अनुच्छेद 25 द्वारा संरक्षित नहीं है, और यह तय करने के लिए कालेज विकास समिति को छोड़ दिया गया कि क्या हिजाब के लिए एक अपवाद किया जाना चाहिए या नहीं। कामत ने कहा कि, हिजाब पहनना अनुच्छेद 25 द्वारा संरक्षित (protected by article 25) नहीं है, और यह मामला कालेज कमेटी पर छोड़ना पूरी तरह से अवैध है।

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